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कलंकित क्रिकेट!

रायपुर मंगलवार।दिनांक 31 अगस्त 2010

कलंकित क्रिकेट!
पाक का एक और मुखौटा इस समय विश्व के सामने हैं। मैच फिक्सिंग कर पाक खिलाडियों ने न केवल अपना नाम खराब किया बल्कि अपने देश का भी मुंह काला कर दिया। अब तक जो तथ्य सामने आ रहे हैं वे यही बता रहे हैं कि सुरा-सुन्दरी में मस्त पाक क्रिकेट खिलाड़ी पैसा कमाने के लिये कुछ भी कर गुजरने के लिये तैयार रहते हैं। पाक क्रिकेटरों की इन हरकतों ने पाक आंतकवादियों को भी शर्मिंदा कर दिया है। वे अब इन क्रि केटरों की खून के प्यासे हो गये हैं। पाक क्रि केटर आसिफ की एक पूर्व प्रेमिका पाक अभिनेत्री वीना मलिक ने जो रहस्योद्घाटन किया है, उसमें क्रिकेटरों की पोल पूरी तरह खुल जाती है। आसिफ का भारतीय सट्टेबाज से संबन्ध और उससे पैसे लेने की बात के बाद अब पाक क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को इस खिलाड़ी के बारे में सोचने की जरूरत ही नहीं रह जाती है। उक्त महिला सारे प्रमाण भी देने के लिये तैयार बताई जा रही है। आसिफ ने पैसा कमाने और किसी से मुलाकात के लिये अचानक बेंकाक की यात्रा भी की थी। पाक का सारा खेल सेटिंग से रहा है। पाक की जनता जिन्हें सर आंखों पर लेकर चलती रही है। उनके कारनामों की पोल खुलने के बाद वे अब मुंह खोलने की स्थिति में नहीं हैं। किसी समय हम भी इस स्थिति से गुजर चुके हैं। जब हमारे भी कई खिलाडिय़ों पर मैच फिक्सिंग का आरोप लगा था। इनमें से कुछ को इसकी सजा भी मिल चुकी हैं। शोहरत पाने के बाद इंसान किस कदर और पैसे की लालच करता है, यह मामला इसका जीता जागता उदाहरण है। आईसीसी अध्यक्ष शरद पवार संपूर्ण मामले पर नजर रखे हुए हैं। पाक क्रिकेट बोर्ड की रिपोर्ट आने के बाद अगले पन्द्रह दिनों में यह तय होगा कि इन खिलाडिय़ों पर क्या कार्रवाई की जाये। फिलहाल जो स्थिति है, वह इस रहस्योद्घाटन के बाद उत्तेजना और नाराजगी की है। जो खबरें आ रही है वह यह दर्शा रही है कि पूरी टीम की स्थिति मैच फिक्सिंग मामले में संदिग्ध है। खिलाडिय़ों ने सटोरिये से पैसा खाया है। यह बताने के लिये इतना ही काफी है कि उनके कमरे से इतना सारा पैसा बरामद हुआ है, जो उनके आचरण को अपने आप ही बयां करता है। पुलिस रिपोर्ट के बाद आईसीसी क्या कदम उठायेगी इस पर सभी की निगाह है, लेकिन क्रिकेट जगत के दिग्गजों की तरफ से बराबर यह मांग उठ रही है कि पूरी टीम को निलंबित किया जाये तथा खिलाडिय़ों के खेलने पर आजीवन प्रतिबंध लगाया जाये। इस बीच एक भारतीय फोटोग्राफर के इस बयान ने पूरे मामले में आग में घी का काम किया है कि पाक- इंग्लैण्ड के दो वनडे मैच भी फिक्स हैं। आंतकवाद से ग्रसित पाक खिलाडियों के इस कारनामें और आंतकवादी धमकी के आगे ब्रिटिश सरकार को इनकी सुरक्षा का इंतजाम भी एक गंभीर समस्या है। कई खिलाडिय़ों को अपने वतन लौटने के बाद भी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। क्रिकेट में जो लोग अब तक विकेट लेते और बालिंग करते रहे हैं। उन्हें शायद अब जनता की गेंदों का सामना करना पड़ सकता है।

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उम्र कैद की सजा पर से संदेह खत्म! क्या फांसी की सजा पर भी सुको सज्ञान लेगी?

याकूब मेनन को फांसी  से पहले व बाद से यह बहस का विषय है कि फांसी दी जानी चाहिये या नहीं अभी भी इसपर बहस जारी है लेकिन इस बीच उम्र कैद का मामला भी सुर्खियों में है कि आखिर उम्र कैद होती है, तो कितने साल की? यह माना जाता रहा है कि उम्र कैद का मतलब है- चौदह साल जेल लेकिन अब यह स्पष्ट हो गया है कि उम्र कैद चौदह साल नहीं बल्कि ताउम्र है याने अपराधी की जब तक जिंदगी है तब तक उसे जेल में ही काटनी होगी. छत्तीसगढ के धीरज कुमार, शैलेन्द्र और तीन दोषियों के मामले में याचिका पर सुनवाई के दौरान सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति टीएस ठाकुर और वी गोपाला गोवड़ा की बेंच ने समाज के एक वर्ग द्वारा फांसी की सजा के विरूद्व अभियान पर टिप्पणी करते हुए कहा की यह वर्ग चाहता है कि फांसी को खत्म कर उसकी जगह आजीवन कारावास की सजा दी जाये तथा स्पष्ट किया कि उम्र कैद का मतलब उम्र कैद होता है न कि चौदह साल. अपराधी जिसे उम्र कैद हुई है उसे अपनी पूरी उम्र सलाखों के पीछे बितानी होगी. इससे यह तो संकेत मिलता है कि भविष्य में फांसी को खत्म करने पर भी विचार किया जा सकता है. सर्वोच्च अदालत ने अब तक उम्र कैद के संबन्ध में चली…

काले धूल के राक्षसों का उत्पात...क्यों खामोश है प्रशासन

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के औद्योगिक क्षेत्रों-उरला, सिलतरा, सोनढोंगरी,भनपुरी से निकलने वाली काली रासायनिक धूल ने पूरे शहर को अपनी जकड़  में ले लिया है .यह धूल आस्ट्रेलिया के औद्योगिक क्षेत्रों से निकलने वाली धूल से 18 हजार गुना ज्यादा है.
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ऊची दुकान फीके पकवान!

रायपुर दिनांक 4 अक्टूबर 2010

ऊँची दुकान फीके पक वान!
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