संदेश

October, 2010 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

भ्रष्ट आचरण पर कांगे्रस की महासभा में रहस्ययम चुप्पी!

मौत की सामग्री से दहली राजधानी? कौन रच रहा है षडय़ंत्र!

क्यों दी हमने इतनी आजादी?

दबा-दबा उत्सव, मीरा कुमार से उद्घाटन क्यों नहीं कराया गया?

नेताओं के मसखरे बयानो के सफर मेंजुड़े अब राष्ट्र विरोधी कलमकार !

नये पत्रकार पढ़ेंगे आउटर में, इंजीनियर भी होगें शहरबदर!

सेना ने उत्साह तो भरा युवाओं में !

कालिख पर सफेदी का प्रयास-बिल्ली दूध पी गई,सब देखते ही रह गये!

बाबाजी योग कीजिये..क्यों

बस कुछ भी हो आव देखा न ताव कह दिया यह शत्रु की करामात!

गुटों के जाल में नेताओं के मुंह पर कालिख का खेल!

उम्र कैदी का मार्मिक पत्र..

कही फूल, कहीं कांटे!

अब खुलेगी चमक की पोल!

बर्बर कृत्य के लिये फांसी,

नक्सली अब अपनी आइडेंटिटी प्रदर्शन के साथ शहरों की ओर!

जोगी के आंकड़ों का खेल,क्या संभव है भाजपा में बगावत!

खिलाडिय़ों का खून और पसीना!

कपडे में मुंह छिपाकर घूमने वाले कौन? पुलिस क्यों हैं खामोश...!

पहुंच,प्रभाव के आगे फिरबौना हुआ देश का तराजू!

चुभने लगा अपराधी करण!

चुभने लगा अपराधीकरण!

खंडपीठ देरी के लिये कौन जिम्मेदार?

ऊची दुकान फीके पकवान!

भाजपा को भटगांव जीतना था कांग्रेस अब तो सबक सीखों!

जो जीता वही सिकदंर!

एशिया की धरती पर कामनवेल्थ गैम्स