शनिवार, 20 अगस्त 2016

मंहगाई के दौर में नई आशाओं के साथ आये उर्जित पटेल!



उर्जित पटेल होंगे रिजर्व बैंक आफ इंडिया के नये गवर्नर. रघुराम राजन  के बाद नया गवर्नर  कौन होगा इसकी चर्चा उसी समय शुरू हो गया थी जब स्वामी विवाद के बाद रघुराम राजन ने आगे अपना कार्यकाल जारी रखने से अनिच्छा प्रकट कर दी थी. भारी ऊहापोह के बाद अंतत: भारतीय रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर उर्जित पटेल को आरबीआई का 24वां गवर्नर घोषित कर दिया गया. रघुराम राजन  चार सितंबर को पदमुक्त होंगे इसके बाद पटेल उनका  स्थान लेंगे. भारतीय रिजर्व बैंक में गवर्नर  नियुक्ति को  लेेकर इतनी ऊहा पोह शायद इससे पहले कभी देखने को नहीं मिली. शायद रिजर्व बैंक के इतिहास  में यह पहला अवसर भी है जब इसमें गवर्नर की नियुक्ति को लेकर राजनीति ने भी अपना असर दिखाया. बहरहाल  52 वर्षीय उर्जित पटेल का अनुभव रिजर्व बैंक की कार्यप्रणाली से पूर्व से रहा है इसलि येभी इस पद पर नियुक्ति मामले में कोई नये विवाद की गुंजाइश नहीं दिखती.पटेल 11 जनवरी 2013 को रिजर्व बैंक में डिप्टी गवर्नर नियुक्त किये गये थे और इस साल जनवरी में उन्हें सेवा विस्तार दिया गया अर्थात यह भी कहा जा सकता है कि उन्हें अपने कामों के लिये प्रमोशन मिला हैं. रिजर्व बैंक में डिप्टी गवर्नर के तौर पर पटेल ने आरबीआई की उस समिति की अध्यक्षता की है जिसे मौद्रिक नीति रपट का मसौदा तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई थी, बाद में यही रपट केंद्रीय बैंक में चल रहे वर्तमान सुधारों का आधार बनी.पटेल समिति की इसी रपट के आधार पर ही मौद्रिक नीति समिति का गठन हुआ,इसके गठन से आरबीआई और उसके गवर्नर की कई सारी शक्तियां समिति के पास चली गई, इसके अलावा सार्वजनिक ऋण प्रबंधन एजेंसी बनाने का कदम भी इसी रपट के आधार पर उठाया गया है. स्वतंत्र मौद्रिक नीति समिति के तहत सरकार आरबीआई के लिए एक महंगाई लक्ष्य तय करेगी और आरबीआई गवर्नर यदि उस महंगाई लक्ष्य को पाने में नाकाम रहते हैं तो वह संसद के प्रति जवाबदेह होगा.आरबीआई में डिप्टी गवर्नर नियुक्त होने से पहले पटेल दि बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप में सलाहकार (ऊर्जा एवं बुनियादी ढांचा) थे.उन्होंने 1990 में येल विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में पीएचडी की, डिग्री प्राप्त की और 1986 में उन्होंने ऑक्सफोर्ड से एम.फिल किया था. वह 2009 से द ब्रुकिंग्स इंस्टीट्यूशन में एक अनिवासी वरिष्ठ फैलो रहे हैं कहने का तात्पर्य कि  र्योग्यता में किसी  दृष्टि से कम नहीं. वर्ष 2000 से 2004 के बीच पटेल ने कई उच्च स्तरीय राज्य एवं केंद्रीय समितियों में कार्य किया, इनमें प्रत्यक्ष कर पर कार्यबल, वित्त मंत्रालय, शोध परियोजनाओं और बाजार अध्ययन पर सलाहकार समिति, भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग, अवसंरचना पर प्रधानमंत्री के कार्यबल के लिए सचिवालय, दूरसंचार मामलों पर मंत्री समूह और नागर विमानन सुधार समिति इत्यादि शामिल हैं.पटेल ने कई तकनीकी प्रकाशन, दस्तावेज और भारतीय वृहद अर्थव्यवस्था पर टिप्पणियां भी लिखी हैं.
उर्जित पटेल को राजन के महंगाई के खिलाफ लडऩे वाले सैनिक के तौर पर भी जाना जाता रहा है.उर्जित पटेल उन कुछ लोगों में हैं जो कार्पोरेट जगत में काम करने के बाद रिजर्व बैंक के गवर्नर बने हैं. मिंट स्ट्रीट के इस शीर्ष पद पर अब तक ज्यादातर आर्थिक संस्थानों के अर्थशास्त्री और नौकरशाह ही बैठते रहे हैं.
मौजूदा गवर्नर रघुराम राजन की पहचान सरकार की विभिन्न आर्थिक और यहां तक कि गैर आर्थिक नीतियों की मुखर आलोचना करने वाले गवर्नर के तौर पर बनी है हाल के महीनों में भारतीय जनता पार्टी के सांसद सुब्रमणयम स्वामी सहित विभिन्न वर्गों से उन पर राजनीतिक हमले होते रहे है, ये हमले उनकी नीतियों को लेकर हुए हैं. वे तीन साल का कार्यकाल पूरा कर चार सितंबर को पदमुक्त होंगे.गवर्नर के पद पर पटेल की नियुक्ति को राजन की नीतियों को ही आगे बढ़ाने के तौर पर देखा जा रहा है. रिजर्व बैंक गवर्नर के पद पर पटेल की नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब खुदरा मुद्रास्फीति छह फीसद से ऊपर निकल चुकी है और थोक मुद्रास्फीति भी 23 महीने के शीर्ष स्तर पर पहुंच गई है. पटेल को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के एनपीए की सफाई करने के अधूरे काम को भी आगे बढ़ाना होगा हां अब सुब्रमणियम स्वामी भी खुश है तभी तो उन्होंने कहा है-उर्जित पटेल की आलोचना करना मूर्खतापूर्ण होगा जब स्वामी के एक फॉलोवर ने केन्या का नागरिक होने के कारण पटेल की आलोचना की तो स्वामी ने कहा  कि वह केन्या के नागरिक नहीं हैं- वह थे- आर 3 का जन्म भारत में हुआ और उन्होंने भारत में 2007 से रहने के बावजूद अपना ग्रीन कार्ड बरकरार रखना चुना. आर 3 रघुराम राजन का उल्लेख करने के लिए आदिवर्णिक शब्द है. इसका उन्होंने ब्याज दर ऊंची रखकर विकास को नुकसान पहुंचाने के लिए राजन पर हमला करने के दौरान कई बार इस्तेमाल किया.