बुधवार, 12 अक्तूबर 2016

जयललिता बीमार....मार्कंडे का प्यार जागा, लालू भी आये नये अंदाज में!


अपने बयानों को लेकर विवादों में  में!रहने वालों में यूं तो देश के कई नामी गिरामी हैं लेकिल जब पूर्व चीफ जस्टिस मार्कंडे काटजू और पूर्व रेलमंत्री व बिहार के पूर्व मुख्य मंत्री लालू प्रसाद बोलते हैं तो इसका रंग ही अलग होता है.यह दोनों हस्तियां अपने विवादास्पद बयानों से तत्काल चर्चा में आ जाते हैं.उनके बयानों की या तो तीव्र प्रतिक्रिया होती है या फिर उन्हें स्वंय अपने बयान का खंडन करना पड़ता है. कुछ में उन्हें इसके लिये माफी मांगनी पड़ती है. काटजू हाल ही बिहार पर दिये गये एक बयान के बाद फिर चर्चा में आये थे जिसमें उनके खिलाफ कोर्ट में याचिका भी दायर की है अब उनका ताजा बयान आया है तामिलनाडृ की मुख्यमंत्री जयललिता पर-वे कहते हैं तामिलनाडू की मुख्यमंत्री जयललिता  शेरनी है और उनके विरोधी  लंगूर. .काटजू फेस बुक में भी हैं उसी में उन्होंने एक पोस्ट में  लिखा है कि जब वो जवान थे तो उन्हें जयललिता से प्यार हो गया था उन्होंने लिखा, उस वक्त मुझे जयललिता काफी मनमोहक लगती थीं. मैं उनके प्यार में पड़ गया था.लेकिन जयललिता को इस बारे में नहीं पता था, यह एकतरफा प्यार था काटजू ने लिखा, मुझे वह अब भी अच्छी लगती हैं लेकिन अब मैं उतना अच्छा नहीं दिखता मैं उन्हें अब भी प्यार करता हूं और मैं उनके जल्द ही ठीक होने की प्रार्थना करता हूं.तामिलनाडु की सीएम जयललिता कई दिनों से अस्पताल में भर्ती हैं उनकी सेहत के बारे में अभी कुछ भी औपचारिक रूप से नहीं कहा गया है. अब खबर है कि राज्यपाल सी. विद्यासागर राव ने  उनके सारे विभाग प्रदेश के वित्त मंत्री ओ. पनीसेल्वम को सौंप दिए हैं देश में यह शायद पहला अवसर है जब किसी मुख्यमंत्री के इतने लम्बे समय तक बीमार होने की स्थिति में भी उनका कार्यभार किसी दूसरे मंत्री के हाथ में नहीं सौपा गया. बहरहाल अब काम देखने का दायित्व जयललिता के सबसे विश्वस्त वित्तमंत्री पनीसेल्वलम को सौंप दिया है जिसपर भी विरोध के स्वर उठे हैं.परिवर्तन के बाद भी जयललिता मुख्यमंत्री बनी रहेंगी. तामिलनाडू के लोग अपने नेताओं- अभिनेताओं के प्रेम जाल में इतने दीवाने हो जाते हें कि आगे पीछे कु छ नहीं देखते-उनको कुछ हो जाने पर आत्महत्या,आत्मदाह तक करने  तैयार रहते हैं-यह परंपरा वर्षो से चली आ रही है फिर चाहे चह अन्न्नदुराई का मामला हो या चाहे जैमिनी गणेशन का अथवा सुपर स्टार रजनीकांत का- यहां के लोगों ने दीवानगी अपनी हद तक दिखाई है. इस बार मुख्यमंत्री बनने के पूर्व जयललिता को जेल जाना पड़ा था इसपर उनके समर्थकों में से कइयों ने आत्महत्या का रास्ता अख्तियार किया कुछ अब भी जब जया अस्पताल में भर्ती है तो तरह तरह की अफवाहों सेे अपने आपकों दूर नहीं कर पा रहे- इस हालात से निपटने के लिये पुलिस को एफआईआर तक का सहारा लेना पड़ा.ऐसे में अगर पूर्व जस्टिस की भावनाएं जाग जाती है तो इसमें भी किसी को आश्चर्य नहीं करना चाहिये. अपने विवादित बयानों के  लिये विख्यात दूसरे नेता लालूप्रसाद यादव ने इस बार आरएसएस को निशाना बनाया है विजयादशमी के दिन आरएसएस द्वारा औपचारिक तौर पर अपनी ड्रेस बदलने पर लालू  इसे संघ में शुरू हुआ बदलाव बताते हैं वे कहते हैं स्वयं सेवक खाकी की हॉफ पैंट की जगह फुल पैंट में नजर ही नहीं आएंगे बल्कि उनमें अभी और कई बदलाव होने हैं. अभी तो हमने पेंट को हॉफ से फुल करवाया है, आगे दिमाग को भी ठीक करवाएंगे. लालू तो यह भी कहते हैं  पैंट ही नहीं सोच भी बदलवाएंगे, हथियार भी डलवाएंगे. हम इन्हें अब और जहर नही फैलाने देंगे. यह बयान पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के इसी साल जनवरी महीने में राजद के एक कार्यकर्ता सम्मेलन में आरएसएस पर टिप्पणी के संदर्भ में था जिसमें उन्होनें कहा था कि आरएसएस कैसा संगठन है, जहां बुड्ढा बुड्ढा लोग भी हॉफ पैंट पहनते हैं, क्या उन्हें सार्वजनिक जगहों पर जाने में शर्म नहीं आती? लालू के बयानो की तरह रावड़ी का यह बयान भी  काफी दिनों तक मीडिया की सुर्खियों में रहा था विजयादशमी पर लालू को मौका मिला और उन्होंने रावड़ी के बयान को आगे बढ़ा दिया .हालांकि इसी बीच संघ की ओर से मार्च में अपनी ड्रेस में बदलाव की बात सामने आ गई थी. युवाओं को खुद से जोडऩे और वर्तमान जरूरत को देखते हुए हाफ पैंट की जगह फुल पैंट को अपनाने की बात कही गई थी। मंगलवार को विजयादशमी के दिन संघ ने विधिवत रूप से अपनी ड्रेस में बदलाव किया तो लालू ने तुरंत उस पर निशाना साध दिया.भाजपा नेताओं को लालू का यह बयान पसंद नहीं आया तो वरिष्ठ भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी ने कहा कि राबड़ी देवी को अब संघ की प्रशंसा करनी चाहिए क्योंकि उन्हें उनका हॉफ पैंट में घूमना पसंद नहीं था।