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सेना ने वादा निभाया-चुनी हुई जगह और समय पर जवाब दिया!

बिना खून खराबे के ही हमने अपने दुश्मन की रीढ़ तोड़ दी!

इंसान की ताकत- बहादुरी(?) के कारनामें इंसानों पर ही

थानों में पिटाई...यह तो होता आ रहा है!

फिर वही -ढाक के तीन पात! आखिर कब तक?

अब समय आ गया पाकिस्तान से फिर दो दो हाथ करने का!

एक देश,एक चुनाव: अब इसमें देरी किस बात की!