रविवार, 28 फ़रवरी 2016

गांव भी अब होंगें शहर जैसे...प्रधानमंत्री की छत्तीसगढ़ यात्रा




हमें याद है पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की वह बात जो उन्होंने रायपुर आकर गांवों के सबन्ध में कही थी- 'गांवों में सुविधाएं शहर जैसी होनी चाहिये.Ó उनके इस बयान के बाद छत्तीसगढ़ के कुछ गांवों को आदर्र्श  गांवों के  रूप  में चुना और वहां ऐसा प्रयास भी शुरू हुआ लेकिन उनके राष्ट्रपति पद से हटने और उनके देहावसान के बाद भी न इन तथाकथित गांवों को उनकी कल्पना का गांव बनाया गया और न ही उन्हेंं गांवों जैसी सुविधाएं मुहैया कराई गई अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आशाएं फिर जागी है उन्होने रायपुर में गांवों को स्मार्ट बनाने की अपनी महत्वाकांक्षी योजना श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्बन मिशन का देशव्यापी शुभारंभ किया है हम आशा करते हैं कि राजनांदगांव जिले के कुरूभाटा गांव से शुरू की गई यह योजना अपने सफलता के सर्वोच्च शिखर पर पहुंचेगी,इसमें कोई शक नहीं कि प्रधानमंत्री की मंशा देश का विकास,उन्नति तथा ग्रामीण क्षेत्रों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाना, ज्यादा से ज्यादा युवाओं को काम धंधे में लगाना है. अब्दुल कलाम भी यही चाहते थे कि गांव को  ज्यादा से ज्यादा व शहरी लोगों की तरह की सुविधाएं मिले-जब तक हमारा गांव उन्न्तत नहीं होगा.ग्रामीण बच्चों को अच्छी स्वास्थ्य व उच्च शिक्षा नहीं मिलेगी  तब तक गांवों की दिशा और दशा में सुधार होना संभव नहीं है. प्रधानमंत्री के इस कार्यक्रम व वादे तथा सपने को निभाने की जिम्मेदारी राज्य शासन की है. वह कितना ध्यान छत्तीसगढ़ के गांवों की ओर लगाती  है यही तय करेगा कि कार्यक्रम की गति क्या होगी। -प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में यह स्पष्ट कर दिया कि अरबन और रूरल को मिलाकर रूर्बन बन गया है अतं: यह मतलब लगाया जा सकता है कि सरकार शहर और गांव में किसी प्रकार का कोई भेदभाव नहीं करना चाहती.मोदी सरकार  की मंशा गांव गांव मे पहुंचने  की  है वह  अपने आपकों दिल्ली के बदं कमरों से बाहर निकलने के प्रयास में है इसमें उसे कितनी  सफलता मिलेगी यह आगे आना वाला  समय बतायेगा. प्र्रधानमंत्री अपने स्वच्छता अभियान  के तहत घर घर में शौचालय कार्यक्रम से भी खुश नजर आयें..धमतरी जिले के ग्राम कोटभर्री निवासी वयोवृद्ध महिला 104 वर्षीय कुंवर बाई ने पीएम  के कार्यक्रम से प्रेरित होकर अपने घर की बकरियां बेचकर शौचालय बनवाया. पीएम बनने के बाद नरेन्द्र मोदी का छत्तीसगढ़ आगमन  दूसरी बार था. उन्होंने उक्त वृद्वा के मां के चरण छूकर यह भी संदेश दिया कि वे इस कार्यक्रम को कितनी अहमियत देते हैं. प्रधानमंत्री की इस छत्तीसगढ़ यात्रा से  भविष्य में गांवों के विकास और उन्हें आदर्श गांव के रूप में विकसित करने में राज्य सरकार के प्रयास में और गति आने की संभावना है.नई राजधानी में इलेक्ट्रॉनिक मैनुफैक्चरिंग कलस्टर का शिलान्यास आगे आने वर्षो में इस अंचल को आधुनिकता के क्षेत्र में आगे बढऩे के साथ सैकड़ों नौजवान युवकों को रोजगार के अवसर भी प्रदान करेगा.प्रधानमंत्री के रायपुर आगमन  पर विपक्ष ने अपनी उपस्थिति दर्शाने का प्रयास जरूर किया किन्तु वह इसमें सफल नहीं हो सका.