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गरीबों को पक्की छत के नीचे सुलाने का सपना....छत्तीसगढ़ रोल माँडल!





इस दौर में अगर कोई रोज कमाने खाने वाला यह उम्मीद करें कि वह अपनी झोपड़ पट्टी  छोड़कर एक पक्का मकान बना लेगा तो यह उसके लिये सिर्फ एक सपना जैसा है लेकिन अगर सरकार उसे बहुत सस्ते में  बनाकर देने का वादा करें तो यह शायद उसे ऐसा लगे कि उसे अपना सपना साकार होता दिखने लगे. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने छत्तीसगढ़ दौरे में छत्तीसगढ़ के  गरीब वर्ग को एक उम्मीद जगाई है कि वे अपनी झोपड़ पट्टियों से निकलकर पक्के मकानों  में रह सकेंगे.यह मकान होगा 325 वर्गफिट का ई डब्ल्यू एस मकान. इस मकान की कुल कीमत छै लाख रूपय है जिसके लिये  केन्द्र सरकार जहां  1.5 लाख रूपये और राज्य सरकार एक लाख की सब्सिडी दे रहा है किन्तु बाकी पैसा मकान  चाहने वाले गरीब को चुकाना पड़ेगा. सरकार की मेहरबानी ऐसे मकानों को खरीदने  वानों के लिये  मेहरबानी यह भी है कि मकान पचास हजार की लैण्ड व स्टांम्प ड्यूटी  की भी छूट है अर्थात गरीब व्यक्ति तीन लाख में एक पक्का मकान प्राप्त कर सकेगा. प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी  को छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा  बनाया गया आवास माँडल बहुत पसंद आया संभव है इसी माँडल पर पूरे देश में गरीबों को एक तरह का मकान व अन्य सुविधाएं प्राप्त होंगी. देश को झुग्गियों से मुक्त करने के लिये यह एक अच्छा सरकारी प्रयास है लेकिन यह भी ध्यान रखने की  बात है कि इस किस्म  की योजनाओं में बहुत से ऐसे तत्वों का प्रयास हो जाता है जो इसकी आड में धंधे बाजी शुरू कर देते हैं.इसके कतिपय उदाहरण हम छत्तीसगढ़ में ही सरकार और कुछ स्वंय सेवी संगठनों द्वारा गरीबो केे लिये शुरू की गई आवास योजनाओं को  देखकर लगा सकते हैं जहां कतिपय लोगों ने एक साथ कई  मकानों को खरीदकर न केवल जमीन हथियाई बल्कि कई मकानों को भी अपने कब्जे में कर लिया और उसे किराये पर उठा दिया. ऐसे लोग गरीबों का हक मारकर आराम से गुपचुप किराया वसूल कर अपने व अपने परिवार  का पेट भर रहे है और गरीब मारा मारा फिर रहा है.
 21 फरवरी को प्रधानमंत्री के रायपुर प्रवास के दौरान नया रायपुर में बनाए जा रहे मकानों का मॉडल दिखाया गया था, मुख्यमंत्री ने पूरी योजना के बारे में  बताया था कि किस प्रकार योजना में सरकारी सब्सिडी दी जाएगी और उसका आबंटन कैसा होगा। योजना आकर्षक लगी व प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री  से कहा था कि विस्तृत योजना उनके दिल्ली पहुंचने के पहले ही भेज दी जाए। छत्तीसगढ़ देश का पहला ऐसा राज्य है, जिसने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रस्ताव बनाकर केंद्र को भेजा। प्रस्ताव भेजने के तत्काल बाद छत्तीसगढ़ को स्वीकृति भी मिल गई। योजना के तहत राज्य के 26 शहरों में 1900 करोड़ रुपए की लागत से 27 हजार मकान बनाए जाएंगे। इसी प्रकार मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 40 हजार मकानों का निर्माण किया जा रहा है-हम आशा करते हैं कि इस योजना का पूरा लाभ सिर्फ और सिर्फ गरीब वर्ग के लोगों को ही मिले.बिचैलियें और गैर जरूरतमंदों को इस योजना से दूर ही रखे वरना ऐसी अच्छी योजनाओं के बुरे हाल का रिकार्ड भी  है। हम यह भी आशा कर सकते हैं कि इस    योजना के मूर्तरूप लेने के बाद धीरे धीरे झोपडपट्टी वाला जीवन समाप्त होगा और एक नये युग में लोग प्रवेश कर सकेंगे. सरकार को चाहिये कि वह नई झुग्गी झोपडिय़ों का निर्माण न  हो सके इस पर भी पूरा ध्यान रखें।

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