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छत्तीसगढ़ को खेल के क्षेत्र में एक और बड़ी सफलता!


छत्तीसगढ़ को खेल के क्षेत्र में एक और बड़ी सफलता!
यह इस अंचल के विकास और प्रगति का प्रतीक है कि राज्य बनेने के चंद वर्षो बाद ही इस अंचल की अन्य बड़ी व्यावसायिक गतिविधियों के साथ खेल के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई  है पिछले साल रायपुर के इंटरनेशनल हाकी स्टेडियम में विश्व हाकी  प्रतियोगिता के सफल आयोजन ने विश्व में अपना नाम स्थापित किया उसके पहले नया रायपुर के इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में आईपीएल मैच का भी सफल आयोजन हुआ जिससे विश्व में यह संदेश गया कि हर परिस्थिति में रायपुर खेलों के लिये फिट है. यहां आये खिलाडिय़ों ने छत्तीसगढ़ के दर्शकों की भी खूब प्रशंसा की है. एक समय था जब छत्तीसगढ़ में सुविधाओं की कमी के बावजूद अच्छे खिलाड़ी निकलते थै लेकिन उन्हें राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर  पर सिक्का जमाने का मौका नहीं  मिल पाता था लेकिन अब परिस्थितियंा बदल गई है.  इंटरनेशनल  क्रिकेट स्टेडियम, इंटरनेशन  हाकी स्टेडियम, इंटरनेशनल स्विमिंग पूल और इंडोर स्टेडियम देश विदेश में अपनी साख जमा चुका है. इसके साथ साथ व्यावसायिक क्षेत्र में बड़े बड़े फाइव स्टार होटलों और आधुनिक सुविधाओं से लैस अस्पतालों ने बाहर से खिलाडियों को रायपुर में आकर जोर आजमाइश करने प्रेरित किया है.छत्तीसगढ़ क्रि केट संघ अब  बीसीसीआई का पूर्ण सदस्य बन गया है इसके लिये करीब आठ साल  का समय लगा. खूब मेहनत की तभी जाकर हम बीसीसीआई के पूर्ण सदस्य बन सके सदस्यता मिलने के कई फायदे हैं.छत्तीसगढ़ क्रि केट संघ 2008 से अब तक बोर्ड से एसोसिएट मेंबर के तौर पर जुड़ा हुआ था लेकिन अब बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) ने पूर्ण सदस्यता प्रदान कर दी है। मुंबई में  बोर्ड की जनरल मीटिंग में यह फैसला हुआ। पूर्ण सदस्यता हासिल करे बगैर हम छत्तीसगढ़ में अंतरराष्ट्रीय मुकाबले नहीं करा सकते थे,पूर्ण सदस्यता मिलते ही अब हर साल छत्तीसगढ़  को 20 करोड़ रुपए मिलेंगे। राज्य को अपनी रणजी टीम बनाने की पात्रता हासिल हो गई है। राज्य के एकमात्र अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में हर साल बड़े मुकाबले हो सकेंगे। छत्तीसगढ़ ने 2008 में भारतीय क्रिकेट संघ का एसोसिएट सदस्य बनने  के बाद यहां अंडर-16, अंडर-19, अंडर-23 और अंडर-25 के एसोसिएट मुकाबले कराए. राज्य को 2013 में पहली बार आईपीएल टी-20 की मेजबानी दी गई, फिर 2014 में चैंपियंस ट्रॉफी और 2015 में फिर आईपीएल मैचों की मेजबानी मिली, बिना पूर्ण सदस्यता के टी-20 टूर्नामेंट की मेजबानी हासिल करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बना था,इतना ही नहीं टूर्नामेंट के बाद राज्य को बीसीसीआई की ओर से बेस्ट पिच और बेस्ट मैदान का भी पुरस्कार मिला था.  क्रिकेट में तो  हमने बड़ी सफलता हासिल की अब यहां के कर्ताधर्ताओं को अन्य प्रतियोगिताओं के लिये खिलाडियों को तैयार करने के लिये प्रयास शुरू करने चाहिये.फुटबाल,कबड्डी,तीरदंाजी जैसे खेल के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ से अच्छे और प्रतिभावान खिलाड़ी तैयार हो सकते हैं. यहां अब इंडोर और आउट डोर दोनो खेलों के लिये  प्रर्याप्त स्टेडियम हो गये.हाकी, क्रिकेट और बूढापारा में इंडोर खेलों के लिये स्टेडियम के बाद अब खल रही है एक अच्छे  फुटबाल के मैदान की. रायपुर के ईदगाह भाठा के पुराने मैदान को एक इंटरनेशनल फुटबाल मैदान के रूप में विकसित किया जा सकता  है. यहां वर्षो तक राष्ट्रीय फु टबाल आकर्षण का केन्द्र रहे है. अब यह स्टेडियम स्थल यूं ही पड़ा है ओर प्रतियोगिताएं भी अनियमित हो गई है सरकार  को इस मैदान को अपने हाथ में ेलेकर एक अंतर्राष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम विकसित करने की दिशा में प्रयाय करना चाहिये.

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