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रेड मंडे-कुछ उलटा तो कुछ पुलटा पाक ने भौंका तो ट्रक ने ट्रेन को ठोका, छग में अदानी की दस्तक!



जो भौंकते हैं वो काटते नहीं-कुत्ते भौंकते हैं, हाथी अपनी चाल चलता है-पाकिस्तान पिछले अड़सठ साल से भांैक रहा है अब हमे परमाणु बम से उड़ा देने की धमकी दे रहा है-हम कहते हैं दम है तो तू अपना बम निकालकर ही दिखा दे, हम तेरा नामोनिशान मिटा देंगे.हम देश के हुकमरानों से बस यही कहना चाहते हैं कि वह पाकिस्तान के आगे किसी भी तरह झुके नहीं और अपनी बात पर अड़े रहें-पाक अपने नापाक इरादों से हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकता. बहरहाल यह अब देश की हुकूमत को तय करना है कि वह पाक की इस धमकी से कैसे निपटेगा. इधर बात नरेन्द्र मोदी सरकार के मंत्रीगणों के बयानों की है, जो कभी भी कोई उटपटांग बयान देकर नरेन्द्र मोदी की छवि को धूमिल करने की कोशिश करते हैं.मध्यप्रदेश से मोदी सरकार के मंत्री नरेन्द्र सिह तोमर ने सोमवार को अच्छे दिन आने की बात को यह कहते हुए ठुकरा दिया कि ऐसा कोई बयान दिया ही नहीं था. क्यों राजनीतिज्ञ इस तरह की झूठ बोलते हैं-क्या वे देश की जनता को इतना बेवकूफ या बहरा समझते हैं? जनता सबकुछ जानती है,सुनती है देखती है और जब मौका मिलता है तो बजाती भी है जैसा मनमोहन की सरकार के साथ किया था इसलिये कम से कम मंत्रियों को तो बहुत ही संभलकर अपना मुंह खोलना चाहिये.छोडिय़े यह राजनीतिज्ञों के काम की बात है वे जाने. इधर सोमवार को सेंसेक्स में सबसी बड़ी गिरावट ने निवेशकों को सात करोड़ की चपत लगाकर किनारे बिठा दिया. यह पहला अवसर था जब सेंसेक्स इतना गिरा इस बीच एक अच्छी खबर छत्तीसगढ़ के लोगों के लिये यह कि पच्चीस हजार करोड़ के निवेश का प्रस्ताव लेकर अदानी ग्रुप ने छत्तीसगढ़ में प्रवेश कर लिया है.संभव है इससे इस अंचल के सैकड़ों लोगों को रोजगार मिलेगा.छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक रहस्यमय रेपकांड से पर्दा उठने ही वाला है लगता है नन रेप कांड के नाम से कुख्यात इस मामले में पुलिस ने दो संदेहियों को पकड़ लिया है अब उनका डीएनए टेस्ट होने वाला है. देखो आगे क्या होता है! अगस्त में सोमवार का दिन ब्लड सण्डे के रूप में भी जाना जायेगा-बंगलोर लेबल क्रासिंग पर एक ट्रक ने ट्रेन को ठोक दिया.ट्रेन की पूरी कोच के परखचे उड़ गये-ट्रक ड्रायवर सहित चार पांच लोगों की मौत हो गई अपने ढंग की इस दुर्घटना ने सबको हिलाकर रख दिया.गुजरात में इक्कीस साल के हार्दिक पटेल की पटेलों की आरक्षण देने की मांग को लेकर रैली पर भी सबकी निगाह है, उसने वहां की सरकार को तो हिला ही दिया, देश में भी अपना पताका शीघ्र फहरा दे तो आश्चर्य नहीं करना चाहिये!

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उम्र कैद की सजा पर से संदेह खत्म! क्या फांसी की सजा पर भी सुको सज्ञान लेगी?

याकूब मेनन को फांसी  से पहले व बाद से यह बहस का विषय है कि फांसी दी जानी चाहिये या नहीं अभी भी इसपर बहस जारी है लेकिन इस बीच उम्र कैद का मामला भी सुर्खियों में है कि आखिर उम्र कैद होती है, तो कितने साल की? यह माना जाता रहा है कि उम्र कैद का मतलब है- चौदह साल जेल लेकिन अब यह स्पष्ट हो गया है कि उम्र कैद चौदह साल नहीं बल्कि ताउम्र है याने अपराधी की जब तक जिंदगी है तब तक उसे जेल में ही काटनी होगी. छत्तीसगढ के धीरज कुमार, शैलेन्द्र और तीन दोषियों के मामले में याचिका पर सुनवाई के दौरान सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति टीएस ठाकुर और वी गोपाला गोवड़ा की बेंच ने समाज के एक वर्ग द्वारा फांसी की सजा के विरूद्व अभियान पर टिप्पणी करते हुए कहा की यह वर्ग चाहता है कि फांसी को खत्म कर उसकी जगह आजीवन कारावास की सजा दी जाये तथा स्पष्ट किया कि उम्र कैद का मतलब उम्र कैद होता है न कि चौदह साल. अपराधी जिसे उम्र कैद हुई है उसे अपनी पूरी उम्र सलाखों के पीछे बितानी होगी. इससे यह तो संकेत मिलता है कि भविष्य में फांसी को खत्म करने पर भी विचार किया जा सकता है. सर्वोच्च अदालत ने अब तक उम्र कैद के संबन्ध में चली…

काले धूल के राक्षसों का उत्पात...क्यों खामोश है प्रशासन

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के औद्योगिक क्षेत्रों-उरला, सिलतरा, सोनढोंगरी,भनपुरी से निकलने वाली काली रासायनिक धूल ने पूरे शहर को अपनी जकड़  में ले लिया है .यह धूल आस्ट्रेलिया के औद्योगिक क्षेत्रों से निकलने वाली धूल से 18 हजार गुना ज्यादा है.
यहां करीब तीन दर्जन उद्योग ऐसे हैं जो चौबीसों घंटे धूल भरी आंधी उगल रहे हैंं ,जिसपर किसी का कोई नियंत्रण नहीं ह्रै. नियंत्रण है तो भी वह कुछ दिनों में छूटकर आसमान और धरती दोनों पर कब्जा कर लेते हैं.
चौकाने वाली बात यह है कि वायु प्रदूषण से सबसे ज्यादा मौत भारत में हुई है. यह संख्या चीन से ज्यादा है.प्राप्त आंकड़ों के अनुसार भारत में वायु प्रदूषण से जहां 1640 लोगों की मौत के मुकाबले चीन में वायु प्रदूषण से मरने वालों की संख्या (1620 ) ज्यादा है. यह आंकड़े हम यहां इसलिये पेश कर रहे हैं ताकि रायपुर को स्मार्ट सिटी बनाने के लिये इसपर नियंत्रण पाना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिये. वायूु प्रदूषण के बगैर स्मार्ट सिटी,डिजिटल सिटी बनाने का सपना पूरा हो पाना कठिन है. आज स्थिति यह है कि एक स्थान पर कालेधूल को हटाया जाता है तो शहर का दूसरा भाग कालिख पुतवा लेत…

ऊची दुकान फीके पकवान!

रायपुर दिनांक 4 अक्टूबर 2010

ऊँची दुकान फीके पक वान!
कभी बच्चो को परोसे जाने वाला मध्यान्ह भोजन तो कभी होटल, रेस्टोरेंट से खरीदी गई खाने की सामग्री तो कभी किसी समारोह में वितरित होने वाले भोजन के जहरीले होने और उसको खाने से लोगों के बीमार पडऩे की बात आम हो गई हैं। अभी बीते सप्ताह शनिवार को नई राजधानी में सड़क निर्माण कंपनी के मेस का खाना खाकर कई मजदूर बीमार हो गये। कइयों की हालत गंभीर थी। मेस को हैदराबाद की बीएससीपीएल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड कंपनी चला रही थी। सबसे पहला सवाल यह उठता है कि जब कोई कंपनी या समारोह में इतने व्यक्तियों का खाना एक साथ पकता है उसे लोगों में बांटने के पहले जांच क्यों नहीं होती? खाना बनाने से पहले यह क्यों नहीं देखा जाता कि जहां खाना बनाया जा रहा है वहां का वातावरण पूर्ण साफ सुथरा है या नहीं। स्कूलों में बच्चों को वितरित होने वाले मध्यान्ह भोजन में भी कुछ इसी तरह का होता आ रहा है। बच्चो को जो खाना बनाने के लिये कच्चा माल पहुँचता है उसका उपयोग करने से पहले उसकी सही जांच पड़ताल नहीं होती फलत: उसमें कीड़े मकोड़े व अन्य जीव जन्तु भी मिल जाते हैं। अक्सर समारोह व शादी …