बुधवार, 29 जुलाई 2015

याकूब फांसी पर!इधर आतंक के खेल की आहट...

याकूब फांसी पर! इधर आंतक
के नये खेल की आहट और
आंतकियों के पास अमरीकी डिवाइस!
दो चर्चित लोगों को आज सुपुर्दे खाक किया गया. एक देश की महान हस्ती, भारत के पूर्व राष्ट्रपति मिसाइलमेन अबुल पकीर अब्दीन अब्दुल कलाम जिनका शिमला में निधन हो गया था और दूसरा मुम्बई में सीरियल ब्लास्ट के लिये जिम्मेदार याकूब मेमन जिसे सुप्रीम कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई थी. याकूब मूमन का आज जन्मदिन भी था -एक का नाम विश्व के प्रसिद्ध व्यक्तियों की श्रेणी में रखा जायेगा और दूसरा मुम्बई में कई लोगों की मौत के लिये जिम्मेदार!
बहरहाल इस बीच एक बड़ी खबर चौंका देने वाली है कि आईएसआईएस नामक आतंकवादी संगठन हमारे देश पर हमले की योजना बना रहा है. दूसरा बड़ा रहस्योद्घाटन यह कि जम्मू से सटे पंजाब के गुरदासपुर में सोमवार को हुए आंतकी हमले में एक  आतंकियों के रूट से मिले नाइट विजन डिवाइस में अमरीकी मार्का लगा हुआ है- अब यह जांच का विषय है कि आखिर आतंकवादियों के हाथ यह डिवाइस कैसे लगा? जीपीएस रूट से इस बात का तो खुलासा हुआ है कि इस मामले में लिप्त लोग पाकिस्तान से आये थे और तीनों मुस्लिम थे, इस बात की पुष्टि भी कर दी गई है. पहले यह संदेह व्यक्त किया गया था कि यह खालिस्तान समर्थक भी हो सकते हैं. नाइट डिवाइस अमरीकी सेना करती है किन्तु यह आंतकवादियों के पास कैसे आया? क्या उसे यह अफगानिस्तान में तालीबान आंतकियों द्वारा लूट के मामले से हिस्से में मिला है या फिर पाक को अमरीका से मिले हथियारों में से इस हमले के लिये पाक आर्मी द्वारा भेंट किया हिस्सा है? पाक वैसे भी मुंह में राम बगल में छुरी वाली कहावत पर चल रहा है. अमरीका स्वयं भी दोहरा चरित्र लेकर चलता है, उसी ने अपने देश में हमला करने वाले ओसामा बिन लादेन को तैयार किया था जो उसी के लिये खतरा बन गया. इन सबमें गंभीर मसला अब आईएसआईएस की योजना को नेस्तनाबूत करना है. हमारी सीमा को और मजबूत करने की जरूरत है, वहीं आंतरिक सुरक्षा को भी और पुख्ता करना होगा. इधर याकूब मेमन को फांसी के बाद मुम्बई हमलों के अन्य दोषी फरार लोगों की क्या प्रतिक्रिया होगी इस पर भी कड़ी निगाह रखने की जरूरत है. मुम्बई बम ब्लास्ट के प्रमुख आरोपी दाउद इब्राहिम व उसके कई अन्य साथियों का अब तक पता नहीं जबकि मुम्बई ब्लास्ट मामले में सारे आरोपी जब तक पकड़े नहीं जायेंगे तब तक इस कांड के पीडि़तों को न्याय नहीं मिलेगा.