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सड़क के बॉक्स में भी पुलिस वाट्सअप में भी पुलिस... देखते हैं कैसे बचते हैं क्रिमिनल?


सड़क के बॉक्स में भी पुलिस
वाट्सअप में भी पुलिस...
देखते हैं कैसे बचते हैं क्रिमिनल?
हम हमारे सामने होने वाले कई अपराधों पर आंखें मूंद लेते हैं, इसके पीछे कारण यही है कि हम क्यों पुलिस के लफड़े में पड़ें या क्यों बेकार बैठे-ठाले कोर्ट जाने की मुसीबत मोल लें? होता यही है कि पुलिस पूछताछ के नाम पर आपके घर तक पहुंच जाती है और सारा मोहल्ला ऐसे ताक-झांक करता है जैसे आपने ही कोई अपराध कर डाला हो. बाद में कोर्ट में गवाही के लिये जाने का लफड़ा अलग. असल में किसी को मदद कर देना या अपने नागरिक कर्तव्य को पूरा करना दोनों ही अपराध बन गया है. ऐसे में सुप्रीम कोर्ट ने दुर्घटना के मामले में कदम उठाते हुए कानून में लचीलापन लाया है. दुर्घटना पीड़ित को अस्पताल पहुंचाने के मामले में आपसे कोई यह नहीं पूछेगा कि आप कौन हंै? आपके पिता का नाम क्या है? और आप कहां के रहने वाले हैं? इसके चलते कुछ लोगों की जान तो बचेगी ऐसी आशा हम कर सकते हैं. अब इसी तर्ज पर छत्तीसगढ़ मेंं राजधानी पुलिस ने अपराध से जूझ रहे लोगों को राहत पहुंचाने का फैसला किया है तद्नुसार शहर में कहीं अपराध हो रहा है? या आपको किसी के कारनामों से शिकायत है लेकिन आप सामने नहीं आना चाहते तो कोई बात नहीं! रायपुर के प्रमुख चौराहों पर पुलिस की एक शिकायती पेटी मिलेगी इसमें आप अपनी शिकायत या अपराध की जानकारी चि_ी में लिखकर डाल सकते हैं. शिकायत की खुफिया पड़ताल भी होगी. खबर पक्की होने पर सीधे कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया है. पुलिस ने कम्युनिटी पुलिसिंग की दिशा में लंबे समय बाद बड़ा कदम बढ़ाने का फैसला किया है. पुलिस का मानना है कि आम लोग कई बार अपराध होते हुए देखते हैं, लेकिन कई कारणों से थानों में जाकर शिकायत नहीं करते. आला अफसरों तक भी सूचना पहुंचाने में गुरेज करते हैं. आम लोगों की इसी झिझक को दूर करने और अपराधों की सूचना हासिल करने के लिए पुलिस चौराहों पर डाक विभाग की पेटी सदृश्य बाक्स लगा रही है. जयस्तंभ चौक, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, डाक घर, कोतवाली, एमजी रोड व एसपी ऑफिस के पास शिकायत पेटी लगाई जाएगी. अगर पुलिस का यह अभियान सफल होता है तो आगे और जगहों पर भी ऐसी पेटी लगेगी. पुलिस का दावा है कि शिकायत जानने के लिए रोज सुबह पेटी खोली जाएगी. एएसपी स्तर के अधिकारी शिकायत को खुद ही देखेंगे. शिकायत सेल से लेकर क्राइम ब्रांच से उसकी जांच कराई जाएगी. स्कूली छात्र-छात्राएं भी इसमें अपनी शिकायत कर सकेंगे. शिकायत पेटी के अलावा पुलिस ने सोशल मीडिया को भी जरिया बनाया है. एसपी बद्री नारायण मीणा ने वाट्स एप्प नंबर जारी किया है, मोबाइल नंबर 99775-63904 पर कोई भी मैसेज करके अपनी शिकायत या सूचना दे सकता है जिसे खुद एसपी मॉनीटरिंग करेंगे. यह नंबर आम जनता के लिए जारी हो गया है. कोई भी व्यक्ति इस नंबर पर शिकायत कर सकता है. शिकायत करने वाले का नाम, पता व पहचान गुप्त रखी जाएगी- ऐसा दावा है. ट्रैफिक से लेकर अवैध शराब तस्करी, गंजा बिक्री, पुलिस वालों के गलत रवैये , ड्यूटी में लापरवाही या मोहल्ले में चलने वाले अवैध काम भी इस नई पहल से रूक सकेंगे ऐसी मान्यता लेकर पुलिस चल रही है. लोग वॉट्सएप पर वीडियो या फोटो खींचकर भी भेज सकते हैं. राजधानी रायपुर में अपराधों पर लगाम लगाने यह पहल कारगर साबित हो सकती है ऐसी हमारी भी मानना है.

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