बुधवार, 27 मई 2015

सुर्खियों का एक दिन-'मरे चौदह सौ , 'नक्सलियों पर नहीं होगा सेना का हमला... और गले मिले 'मूणत-बृज!


सुर्खियों का एक दिन-'मरे चौदह सौ ,
'नक्सलियों पर नहीं होगा सेना का
हमला... और गले मिले 'मूणत-बृज!

देश का पारा इस समय सातवें आसमान पर है- अब तक भीषण गर्मी से करीब 1400 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है. यह मुसीबत भी किसी भूकंप से कम नहीं है. दो चार दिन बाद अच्छे दिन आने की भी खबर है. मानसून तीस मई को केरल पहुंच जायेगा, ऐसा मौसम विभाग वाले ताल ठोककर कह रहे हैं. वैसे यह भी कहा जा रहा है कि अल नीनो की सक्रियता के कारण मानसून आने में देरी हो सकती है. बहरहाल भारत के रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर बुधवार को रायपुर में थे उनने यहां आने के बाद प्रमुख बात यह कही कि नक्सलियों से निपटने के लिये सेना का उपयोग नहीं किया जायेगा. यह बात पूर्व रक्षा मंत्री व अब मंत्री वीपी सिंह भी कह चुके हैं. जबकि यूपीए सरकार में रक्षा मंत्री ए. के. एंटोनी ने भी यह स्पष्ट किया था कि सेना का उपयोग नहीं किया जायेगा. सवाल अब यहां यह उठ रहा है कि सरकार किस फार्मूर्ले से इस समस्या का समाधान निकालने जा रही है? यह भी  सवाल है कि क्या समस्या सदैव ऐसी ही बनी रहेगी? मुख्यमंत्री  डा. रमन सिंह भी नक्सलियों को माटी पुत्र कह चुके हैं. इधर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बीच बुधवार को जोरदार वाक युद्ध हुआ. मोदी ने टिप्पणी की कि यूपीए सरकार में सोनिया असंवैधानिक अथॉरिटी थी, इसके बाद सदा चुप्पी साधे रहने वाले मनमोहन सिंह ने कहा कि मैंने अपने परिवार या मित्रों के फायदे के लिये कभी सरकारी पद का दुरूपयोग नहीं किया. दोनों ने यह बातें दिन में कही लेकिन जब शाम हुई तो दोनों गर्मजोशी से मिले, फिर मोदी ने कहा -उनसे मिलकर बहुत खुशी हुई. इधर छत्तीसगढ़़ में सत्ता के पूर्व-पश्चिम, बृजमोहन-राजेश मूणत को एक बड़े समारोह में एक साथ दांये-बांये, हंसी-खुशी  देख टिप्पणीकारों को कुछ अजूबा लगा और फोटो भी खीचीं. दिल्ली में आप की सरकार का केन्द्र से अप्रत्यक्ष युद्ध छिड़ गया है. एलजी के नोटिफिकेशन के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर दिया गया है. नेता लोग अपनी बात को बड़ी आसानी से पलट देते हैं. केन्द्रीय मंत्री रिजिजू ने मंगलवार को गो मांस पर एक बयान दिया था, उसे गुरुवार को पलट दिया- मैंने तो ऐसा नहीं कहा था. केन्द्रीय शिक्षा मंत्री स्मृति इरानी अमेठी में भाई-बहन से परेशान हैं. स्मृति को अब प्रियंका पर गुस्सा आ गया. प्रियंका ने  कहा था कि अमेठी में ट्रिपल आईटी क्यों नहीं है? इसके जवाब में वे कहती हैं कि यह अजीब है कि एक चुना हुआ सांसद हारी हुई उम्मीदवार से विकास के लिये मदद मांग रही है, मगर स्मृति शायद यह भूल गई कि हारने के बाद वे देश की मानव संसाधन मंत्री भी हैं. विदेश की खबरों की ओर नजर दौड़ायें तो मीडिया की दबंगता की एक मिसाल देखेने को मिलती है. राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के एक इंटरव्यू की रिपोर्टिंग को सरकारी आपत्ति के बावजूद पत्र के प्रधानसंपादक ने किसी प्रकार के संशोधन से इंकार कर दिया. एक खबर अमरीका के जार्जिया शहर की -वहां एक महिला को पुलिस ने इसलिये गिरफतार कर लिया चूंकि उनका लाडला 12 दिन तक स्कूल में गैर हाजिर रहा. ऐसी होती है मां-बाप की जवाबदेही. इससे क्या हमारे देश के लोग कुछ सीखेगें? यहां बच्चा सालभर स्कूल न जाये तो किसी को कोई फर्कनहीं पड़ता उलटा परीक्षा भी उसकी घर पर ही हो जाती है और पास भी प्रथम श्रेणी में हो जाता है!