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सुर्खियों का एक दिन-'मरे चौदह सौ , 'नक्सलियों पर नहीं होगा सेना का हमला... और गले मिले 'मूणत-बृज!

बुरे और अच्छे के पीछे पिसते 'हम,आखिर कब तक इंतजार करना होगा?

एक भीषण सड़क हादसा, जिसने पूरे राजधानी की आंखों को छलछला दिया!

पठारीडीह की घटना के लिये कौन जिम्मेदार?पुलिस की सक्रियता घटना के बाद ही क्यों?

अरूणा की सांसें बयालीस साल बाद रूकीं... आज सड़क पर चलने वाली हर महिला उसी की तरह मुसीबत में!

ब्लड पे्रशर बढ़ाने वाला बिजली बिल अब लोगों के हार्ट पर भी आघात करने लगा!

छेडछाड की बलि चढ़ी नेहा-

आरटीओं की आग में भूतो का काम था तो यहां कहीं जिंदा भ्रष्ट भूत तो सक्रिय नहीं हो गये?

कोई बड़़ा अपराधी तो कोईछोटा, किसी को ऊंची सजा के साथ ऊंवी सुविधा भी.क्यों है ऐसा?

ऐसी है हमारी शिक्षा नीति-प्रथम वर्ग, इंजीनियर,डाक्टर,द्वितीय वर्ग प्रशासक, तृतीय वर्ग राजनीति और चौथा-पांचवा....?

शाबाश बेटियों...तुम्हारी जागृता ही समाज को राह दिखायेगी, शराब, जुएं से मुक्ति दिलाने अभी और कठोर बनना होगा!