गुरुवार, 19 जून 2014

सिर पर सिर का चक्कर,सुरक्षित रोमांचक किन्तु महंगा भी!


सिर पर सिर का चक्कर,सुरक्षित
रोमांचक किन्तु महंगा भी!

अभी तक लोगों को आंख पर अंाख लगाने का अनुभव था अब प्रशासन और सरकार ने लोगों को सिर पर सिर लगाना सिखाना शुरू कर दिया है. बड़े नगरों में यह बहुत पहले  से है किन्तु छत्तीसगढ़ में कम से कम तीन बार के प्रयोग के बाद पहली दफा है.कुछ लोगों को यह भारी भारी लग रहा है तो कुछ को अटपटा तो कुछ को शर्म आ रही है लेकिन प्रशासन है कि सिर फटने से मौत की लगातार घटनाओं से तंग आकर अब किसी की नहीं सुनने के मूड़ में है. प्रशासन  की सख्ती को देखते हुए कुछ लोगों ने अपने सिर पर सिर लगाने का यंत्र [हेलमेट] बेचने का कारोबार शुरू कर दिया है. इसके लिये वे बाहर से लाद लादकर सिर ला रहे हैं और सड़क पर बैठकर अपना कारोबार शुरू कर  रहे हैं. खूब ऊंचे& ऊंचे दाम  पर सिर की खरीदी बिक्री हो रही हैं. अब हेलमेट लगाने का तरीका देखिये..कुछ लोग अपने परिचित को देखते ही शरमा जाते हैं और तुरंत निकालकर हाथ में पकड़ लेते हैं या फिर अपने बाइक पर टांग देते हैं कहते हैं यार सिर पर सिर लगाने के बाद यह पता ही नहीं चलता कि मैं कौन और तुम कौन..अच्छी बला डाल दी  सरकार न,े मगर यह कोई नहीं कह रहा है कि यह अच्छा हुआ..किसी ट्रक के नीचे आ जाये तो सिर तो नहीं फटेगा. महंगे हेलमेट से भी लोग परेशान हैं वे कहते हैं यार इतना  महंगा हेलमेट लगाकर घूमने से तो अच्छा सिर फट जाये तो अच्छा है. कुछ कह रहे है हम बड़े कुम्हड़े का इंतजार कर रहे हैं बाजार में यह आने लगे तो हम इसे ही सुखाकर पहन लिया करेंगे-पुलिस वालों को सिर पर सिर चाहिये, कुम्हड़ा सस्ता है इसे लगाने से सिर पर ठंडक भी रहेगी और हम ट्रेफिक नियमों का पालन करते भी नजर आयेंगे. कुछ सिर पर कपड़े वाली टोपी लगाकर या रूमाल को हेलमेटनुमा बनाकर धोखा देने का प्रयास कर रहे हैं.बहरहाल सरकार की सख्ती के बाद भी अब तक पच्चीस प्रतिशत लोग भी हेलमेट नहीं लगा रहे हैं.लोग पहले डर के मारे में ट्रेनों में यात्रा नहीं करते थे, हवाई जहाज में नहीं उड़ते थे यहाां तक कि फोन और मोबाइल नया नया आया तो उससे भी बात करने में शरमाते थे-आदत पड़ने मेें समय लगता है..धीरे धीरे लोगों में आदत पड़ जायेगी और लोग हेलमेट के बगैर घर से नहीं निकलेंगे लेकिन इससे पूर्व यह स्थिति है  कि हेलमेट लोगों के लिये बला ही है.पहले आंख पर आंख या चश्मा लगाने वाले भी परेशान  रहते थे वे भले  ही आंख से दिखाई न दे इसपर  रस्सी बाधंकर गले में कान के साथ टांग लेते थे इसी प्रकार जो लोग अभी- अभी सिर पर हेलमेट लगाने की ओपनिंग कर चुके हैं वे भी यातायात चौक तक तो बिना सिर पहुंचते है पास पहुंचते ही हेलमेट पहन लेते है.सरकार को सख्ती बरकरार रखनी चाहिये.अब छात्रों के लिये भी हेलमेट अनिवार्य हो गया है इससे बहुत  से कम आयु में स्वर्ग देखने की ख्वाहिश रखने वालों को थोड़ा धक्का जरूर लगेगा मगर उनके माता पिता जरूर राहत की सांस लेंगे. भ्गगवान सलामत रखें लोगों के सिर को नये सिर से...