गुरुवार, 8 मार्च 2012

खनिज maaphia

मध्यप्रदेश में खनिज मफियाओं के खिलाफ कार्रवाई कर रहे एक आईएएस अफसर की ट्रेक्टर ट्राली से कुचलकर हत्या कर दी गई। उनकी मृत्यू पत्थरों के नीचे दबकर हुई। यह पहिला मौका नहीं है जब इस प्रकार की घटना देश में हुई, महाराष्ट्र के नासिक में तेल मफियाओ ने तो एक अफसर को जिंदा जला दिया था। उत्तर प्रदेश और बिहार में भी ऐसी घटनाएं हो चुकी है जिनमें कई ईमानदार और सत्यनिष्ठ लोग बलि का बकरा बन चुके है। क्या हुआ इन सबका, बिगड़ा तो उन्हीं का जो उनके परिवार के सदस्य हैं। नेताओं ने निंदा कर घडियाली आंसू बहा दिये तो सरकार ने जांच आयोग गठित कर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर दी। हमारे कानून की खामियां ऐसे मामलों में तत्काल सजा नहीं देती वरना ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं हाती। इस मामले में भी ट्रेक्टर ट्राली के ड्रायवर को तो तत्काल गिरफतार कर लिया गया किंतु जो असल में इस पूरी घटना के लिये जिम्मेदार हैं वे कहीं न कहीं छुपकर सारा तमाशा देख खुशियां मना रहे हैं....कानून को सख्त करने की जरूरत है, घटनाओं में लिप्त लोगों को तत्काल सजा का प्रावधान नहीं किया गया तो देश में बचे कुचे चंद ईमानदार लोग भी खत्म हो जायेगें।