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उनका लक्ष्य है हिंसा से 'सत्ता, इनका तो कोई लक्ष्य ही नहीं!

प्याज के आंसू की दरिया बह रही है और सरकार को शर्म नहीं!

कौन जीता, कौन हारा से ज्यादा महत्वपूर्ण रही दलों की प्रतिष्ठा!

छेडछाड़ करने वाला अधमरा,रोकने वाले को पीट पीटकर मार डाला!

कांग्रेस में बुजुर्गो के दिन लदें! युवा कंधे पर आयेगा भार?

प्रदेश की आम जनता सुरक्षित नहीं, सुरक्षित है तो सिर्फ प्रदेश के मंत्री!

बात की तीर से निकलती आग में जल रही देश की राजनीति!

क्यों देते हैं दिग्गी विवादास्पद बयान? दो साल क्यों चुप रहे?

क्या गलत बोल दिया शिवराज ने ? यह तो आज की आवाज है!

शर्म करो ..अब किया तो किया भविष्य में किया तो कोई तुम्हें माफ नहीं करेगा!

छेडछाड की बलि चढ़ी नेहा-