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बाबाजी योग कीजिये..क्यों

रायपुर दिनांक 22 अक्टूबर 2010

बाबाजी योग कीजिये..क्यों बर के छत्ते पर
हाथ डाल अपनी छबि खराब कर रहे हैं?
योग गुरू बाबा रामदेव ने सरकार को धमकी दी है कि अगर सरकार देश में व्याप्त भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिये जरूरी कदम उठाने में नाकाम रही, तो उन्हें अपनी राजनीतिक पार्टी बनानी होगी। हमारा तो कहना है कि उन्हें तुरंत अपनी राजनीतिक पार्टी का गठन कर देना चाहिये। चूंकि न सरकार पर उनकी धमकी का कोई असर होने वाला और न ही देश से भ्रष्टाचार का अंत होगा। बल्कि बाबा रामदेव भ्रष्टाचार के समर्थन में कोई पार्टी बना लें तो वे शीघ्र सत्ता में आकर प्रधानमंत्री तक की कुर्सी पर बैठ सकते हैं। बाबा रामदेव की भावना का तहे दिल से स्वागत करते हुए उन्हें यह सलाह देना चाहते हैं कि वे देश से और कुछ गंदगी को निकालने के लिये राजनीतिक पार्टी बना सकते हैं। लेकिन भ्रष्टाचार...इसके खिलाफ पार्टी बनाने की कैसे सोच रहे हैं। बाबा रामदेवजी आपको कौन समर्थन देगा? देश का तंत्र जिस तरह से भ्रष्ट हो गया है, उसके आगे आप तो क्या भगवान भी जमीन पर उतर आये, तो उन्हें भी लोग रिश्वत देकर यह कहते हुए ऊपर वापस भेज देंगे कि- अभी तो मौका है, मरने के बाद थोड़े कमाने मिलेगा। भारत की राष्ट्रपति,भारत का सर्वोच्च न्यायालय, और भारत के प्रधानमंत्री सब तो भ्रष्टाचारी व्यवस्था को लताड़ चुके हैं और सम्हलने की चेतावनी दे चुके हैं। किंतु भ्रष्टाचार रूपी दैत्य का मुंह इतना खुल गया है कि उसमें पूरा देश ही समा गया है। बाबा रामदेवजी आप तो रोज अखबार पढ़ते और टीवी देखते होंगे फिर भी आपने कैसे यह धमकी दे डाली? हाल ही खत्म हुए कामन वेल्थ गेम्स में भारतीय मीडिय़ा जहां सिर्फ अठारह हजार करोड़ रूपये के गोलमाल की बात कर रही है। वहीं विदेशी मीडिया का दावा है कि पचास अरब का गोलमाल हुआ है। अगर रामदेव बाबा अपनी राजनीतिक पार्टी का गठन करते हैं तो देश में बचे चंद ईमानदारों का ही समर्थन प्राप्त होगा। जबकि आज उनके योग शिविर और उनके भाषणों में हजारों लोग शिरकत करते हैं-शायद इसमें भी बहुत से उस तंत्र के लोग शामिल होगें, जिनकी खिलाफत करने के लिये बाबा राजनीतिक पार्टी की बात कर रहे हैं- बाबाजी पार्टी गठित हो जायेगी तो ऐसे लोग न आपका भाषण सुनने आयेंगे और न आपकी बनाई हुई दवाइयों को खायेगें। इसलिये यही अच्छा है कि आप जहां हैं वहीं रहें-क्यों जबर्दस्ती मधुमक्खी या बरयै के छत्ते पर पत्थर फेंक रहे हैं। मगर हम आपके हिम्मत की दाद देते हैं कि- इस एक अरब बीस करोड़ से ज्यादा की आबादी वाले देश में मर्दांनगी से आपने सरकार को ललकारा तो। वरना यहां लोगों के घरों की दीवारों और कुत्तों को सुलाने के कमरे और कुत्ते के तकिये से सत्य और अहिंसा के पुजारी महात्मा गांधी के चित्रों से छपे नोट टपकने के बाद भी लोगों को इस बात की भी चिंता नहीं होती कि जो पैसा इन भ्रष्टाचारियों के घरों से निकल रहा है। वह किसी अपने भाई की जेब से निकाला गया है या किसी की गर्दन काटकर भरी गई है। रामदेव बाबा ने सरकार से अनुरोध भी किया है कि- वह देश में भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए प्रभावकारी कदम उठाए और जो लोग भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाते हैं, उनके लिए मौत की सजा का प्रावधान किया जाए। रामदेव बाबा पिछले विधानसभा चुनावों से भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान छेड़े हुए है । उनकी मांग स्विस बैंकों में जमा भारतीय धन को भी देश में लाने की है। बाबा आसमान से तारा तोडऩा चाहते हैं। सभी को मालूम है यह इतना आसान नहीं है!

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