संदेश

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उनका लक्ष्य है हिंसा से 'सत्ता, इनका तो कोई लक्ष्य ही नहीं!

प्याज के आंसू की दरिया बह रही है और सरकार को शर्म नहीं!

कौन जीता, कौन हारा से ज्यादा महत्वपूर्ण रही दलों की प्रतिष्ठा!

छेडछाड़ करने वाला अधमरा,रोकने वाले को पीट पीटकर मार डाला!

कांग्रेस में बुजुर्गो के दिन लदें! युवा कंधे पर आयेगा भार?

प्रदेश की आम जनता सुरक्षित नहीं, सुरक्षित है तो सिर्फ प्रदेश के मंत्री!

बात की तीर से निकलती आग में जल रही देश की राजनीति!

क्यों देते हैं दिग्गी विवादास्पद बयान? दो साल क्यों चुप रहे?

क्या गलत बोल दिया शिवराज ने ? यह तो आज की आवाज है!

शर्म करो ..अब किया तो किया भविष्य में किया तो कोई तुम्हें माफ नहीं करेगा!

छेडछाड की बलि चढ़ी नेहा-

फिजूल खर्ची,अव्यवस्था बन रही लोकतंत्र में अडंग़ा, कौन ले संज्ञान?

समाज को बांटे रखने में भी मास्टरी हासिल कर ली सरकारों ने!

'मृगतृष्णा बन गई मंहगाई-हम पागलों की तरह भाग रहे हैं उसके पीछे...

आंतकवाद, जातिवाद की बराबरी में आ खडा हुआ भ्रष्टाचार!

राष्ट्र का पौने दो लाख करोड़ रूपये डकार लिया, फिर भी तना है सीना!

हावडा-मुम्बई मेल को समय पर चलाने सोर्स स्टेशन नहीं बदलने की जिद क्यों?

खूब चिल्लाओं बाबाजी... भ्रष्टाचारियों पर नहीं पडऩे वाला कोई असर...!

खाकी के वेश में यह दूसरे गृह के प्राणी धरती पर क्या कर रहे हैं?

ऑपरेशन क्लीन शुरू करों फिर देखों, लाखों रोजगार पा जायेगें

मंशा नहीं ,फिर भी अपराध,ऐसी भी है कानून में कुछ खामियां!

चिथड़े कपड़ों में लिपटे नन्हें हाथों की बुझे बारूद के ढेर में खुशियों की खोज

बीते रे दिन!

भ्रष्ट आचरण पर कांगे्रस की महासभा में रहस्ययम चुप्पी!

मौत की सामग्री से दहली राजधानी? कौन रच रहा है षडय़ंत्र!

क्यों दी हमने इतनी आजादी?

दबा-दबा उत्सव, मीरा कुमार से उद्घाटन क्यों नहीं कराया गया?

नेताओं के मसखरे बयानो के सफर मेंजुड़े अब राष्ट्र विरोधी कलमकार !

नये पत्रकार पढ़ेंगे आउटर में, इंजीनियर भी होगें शहरबदर!

सेना ने उत्साह तो भरा युवाओं में !

कालिख पर सफेदी का प्रयास-बिल्ली दूध पी गई,सब देखते ही रह गये!

बाबाजी योग कीजिये..क्यों

बस कुछ भी हो आव देखा न ताव कह दिया यह शत्रु की करामात!

गुटों के जाल में नेताओं के मुंह पर कालिख का खेल!

उम्र कैदी का मार्मिक पत्र..